भक्त का भगवान से मानसिक वार्तालाप

  1. हे कृष्ण! मैं आपका हूँ और आप मेरे हैं।
  2. हे कृष्ण! मेरे मन, वचन, कर्म से कभी भी किसी को भी किंचिन्मात्र दुःख न पहुँचे; यह कृपा बनाये रखें ।
  3. हे कृष्ण! मैं कभी न पाप देखूँ, न सुनू और न किसी के पाप का बखान करूँ।
  4. हे कृष्ण! शरीर के सभी इन्द्रियों से आठो पहर केवल आपके प्रेम भरी लीला का ही आस्वादन करता रहूँ।
  5. हे कृष्ण! प्रतिकूल से प्रतिकूल परिस्थिति में भी आपके मंगलमय विधान और अपने लिए आपकी कृपा अनुभव कर प्रसन्न रहूँ।
  6. हे कृष्ण! अपने ऊपर महान से महान विपत्ति आने पर भी दूसरों को खुशी दिया करूँ।
  7. हे कृष्ण! अगर कभी किसी कारणवश मेरे वजह से किसी को दुःख पहुँचे तो उसी समय उसके चरणों में पड़कर क्षमा माँग लूँ।
  8. हे कृष्ण! आठो पहर रोम रोम से आपके नाम का जप होता रहे।
  9. हे कृष्ण! मेरे आचरण श्रीमद्भगवद्गीता और श्रीरामचरितमानस के अनुकूल हो।
  10. हे कृष्ण! हरेक परिस्थिति में आपकी कृपा के दर्शन हो।

-जय श्रीकृष्ण!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *